🌺🌺🌺🌺जीवन क्या है 🌺🌺🌺🌺🌺

*ज़रूरतें, जिम्मेवारियां और चाहते,*

*यूं तीन हिस्सों में दिन ! गुजर जाता है...*
            Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें