najam,नज्म, poem,kavita,कविता

             ⚘⚘दिल शायराना⚘⚘
⚘⚘ किसी से कुछ नहीं कहते
खुद से खूब लड़ लेते हैं।।
कुछ मसले हम चुप
रहकर भी हल कर लेते हैं।।⚘⚘

⚘⚘झूठ को जानकर भी
अनजान बन जाना
ऐसे ड्रामें हम रोज कर लेते हैं।।⚘⚘

⚘⚘रास्ता मुश्किल से तय करते हैं
उनके शहर का....
घर के सामने नीची नजर कर लेते हैं।।⚘⚘

⚘⚘प्रेम को इबादत बना लिया है
सुवह याद उनको .....
पहले पहर कर लेते हैं ।।⚘⚘


                ।।अचला एस गुलेरिया।।
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🥀🥀🥀🥀🥀हिन्दी शायरी दिल से 🥀🥀🥀🥀🥀🥀

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