आठ सिद्धियों और नौ निधियों के दाता हैं हनुमान जी महाराज।
शास्त्रों में कहा गया है कि हनुमानजी के 12 नामों के स्मरण मात्र से आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे और आपको समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होगी।
श्रीरामचरितमानस ग्रन्थ में कहा भी गया है-
🌹*कलियुग केवल नाम आधारा*
*सुमिरि-सुमिरि नर उतरहिं पारा*🌹
🌹1. हनुमान, ॐ श्री हनुमते नमः।🌹
अर्थात्- भक्त हनुमान, जिनकी ठोड़ी में दरार हो।
🌹2. अञ्जनी सुत, ॐ अञ्जनीसुताय नमः।🌹
अर्थात्- देवी अंजनी के पुत्र
🌹3. वायु पुत्र, ॐ वायुपुत्राय नमः।🌹
अर्थात्- पवनदेव के पुत्र
🌹4. महाबल, ॐ महाबलाय नमः।🌹
अर्थात्- जो बहुत बलवान् हो
🌹5. रामेष्ट, ॐ रामेष्टाय नमः।🌹
अर्थात्- भगवान् श्रीराम के प्रिय
🌹6. फाल्गुण सखा, ॐ फाल्गुणसखाय नमः।🌹
अर्थात्- अर्जुन के मित्र
🌹7. पिङ्गाक्ष, ॐ पिंगाक्षाय नमः।🌹
अर्थात्- लाल या सुनहरी आंखों वाले
🌹8. अमित विक्रम, ॐ अमितविक्रमाय नमः।🌹
अर्थात्- जो अथाह या असीम वीरता का मालिक हो
🌹9. उदधिक्रमण, ॐ उदधिक्रमणाय नमः।🌹
अर्थात्- एक छलांग में समुद्र पार करने वाले
🌹10. सीताशोकविनाशन, ॐ सीताशोकविनाशनाय नमः।🌹
अर्थात्- माता सीता का दुख दूर करने वाले
🌹11. लक्ष्मण-प्राणदाता, ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः।🌹
अर्थात्- लक्ष्मण के प्राण वापस लाने वाले
🌹12. दशग्रीव दर्पहा, ॐ दशग्रीवस्य दर्पाय नमः।🌹
🌹Hindi shayari dil se🌹
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