मैं शौक दबा कर रखता हूँ बीमार थोड़ी हूँ ,
तुम चाहती हो मैं रोज मिलूं अखबार थोड़ी हूँ
दुनिया में कम लोग ही ऐसे होते हैं
जो लगते हैं जैसे..
वैसे होते हैं!!!
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ज़िंदगी को हौसला देने के ख़ातिर
ख़्वाहिशों को रेज़ा रेज़ा चुन रहा हूँ
. ...Shayaripub.com
हिन्दी शायरी दिल से
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