Good night

थी ख़ामोशी हमारी फितरत में तभी तो बरसो निभ गयी उन से,
अगर मुँह में हमारे जुवान होती तो  कितना बवाल होता..!!
Shayaripub.in
हम तो अच्छे थे पर लोगो की नज़र में  बुरे ही रहे,
कहीं हम सच में ख़राब होते तो  कितना बवाल होता..

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