attitude shayri

*लफ़्ज़ों में ही पेश कीजियेगा अपनेपन की दावेदारियाँ...*

*ये शहर-ए-नुमाइश है, यहाँ अहसास के जौहरी नहीं रहते!!*
                    Shayaripub.com 
                      Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...