emotional shayari ,sad shayari

शिकवा करूं तो किससे करूं,
ये अपना मुकद्दर है
                         अपनी ही लकीरें हैं।
Shayaripub.com,                        Shayaripub.com, 
🧡🧡🧡🧡🧡🧡हिन्दी शायरी दिल से 🧡🧡🧡🧡🧡🧡

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...