जय श्री राम

।। जय सियाराम* ।।
हरि अनंत हरि कथा अनंता। 
कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥
द्वारपाल हरि के प्रिय दोऊ। 
जय अरु बिजय जान सब कोऊ॥
~ श्री हरि अनंत हैं (उनका कोई पार नहीं पा सकता) और उनकी कथा भी अनंत है। सब संत लोग उसे बहुत प्रकार से कहते-सुनते हैं। श्री हरि के जय और विजय दो प्यारे द्वारपाल हैं, जिनको सब कोई जानते हैं।
...बापू*
।। मानस-हरिद्वार ।।
                         🌺हिन्दी  शायरी दिल से🌺

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