ओम नमः शिवाय


*नमामीशमीशान निर्वाणरुपं।*
*विभुं व्यापकं ब्रम्ह वेदस्वरूपं।।*
*निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं।*
*चिदाकाशमाकाशवासं भजेहं।।*
*निराकारमोंकारमूलं तुरीयं।*
*गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं।।*
*करालं महाकाल कालं कृपालं।*
*गुणागार संसारपारं नतोहं।।*
                  shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...