emotional shayari

जो दुख  देगा वो  पल हूँ !
मैं उस का गुज़रा कल हूँ !

पागल को पागल कह दूँ !
मैं  क्या  कोई  पागल हूँ !

जो  बरसों  से है  प्यासा !
मैं  इक  ऐसा  बादल  हूँ !

जिस  में  सपनें  डूबे  हैं !
मैं इक  ऐसी दलदल  हूँ !

उसकी  आँखें  मेरा  घर !
मैं तो  उसका काजल हूँ !

मुझ को छू कर देखो तो !
सब से आला मख़मल हूँ !
            Shayaripub.com 
                         हिन्दी शायरी दिल दिल से 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...