सुप्रभात # Goodmorning

नही *खाई ठोकरे* तो *लक्ष्य* की *गम्भीरता* को कैसे *जानोगे*।
ओर 
अगर नही *टकराये* गलत से तो *सत्य* की *पहचान* कैसे करोगे ।।shayaripub.com 
*आपका दिन मंगलमय हो*
                        ।हिन्दी शायरी दिल से।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...