*नदी जब निकलती है*
*कोई नक्शा पास नहीं होता कि*
*"सागर"कहां है* ??
*बिना नक्शे के सागर तक पहुंच जाती है* !!
*इसलिए "कर्म" करते रहिये*
*नक्शा तो भगवान् पहले ही बनाकर बैठे है*
*हमको तो सिर्फ "बहना" ही है*
हर हर महादेव।
हिन्दी शायरी दिल से
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