emotional shayari

ख्वाहिशों के पीछे  दौड़ते दौड़ते  
कहाँ छोड़ आए खुद को 
याद करने भी नहीं दोगे ??
क्यूँ यादों के दरीचे से झाँकते हो तुम... 
क्या सुकून से मरने भी नहीं दोगे?
         shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...