inspirational thoughts


      ⚘⚘ करें प्रयास⚘⚘
आदरभाव ,सदभाव और
अहोभाव ले करें
अन्तर्मन में विहार ।।
आचार सरल हो ,
आराधना में समर्पण  हो ।
निर्मल हों अपने विचार।।
संसार यात्रा बहुत हो चुकी
आओ अब अन्तर्यात्रा के पथिक बन
दृष्टा हो देखें जगत व्यवहार ।।
                     shayaripub.com 
हिन्दी शायरी दिल से         





   

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...