jai siya ram# जय श्री राम



🌹🌹मंगल भवन अमंगल हारी।🌹🌹
🌹🌹उमा सहित जेहि जपत पुरारि ॥🌹🌹
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚

      प्रभु  का नाम अति पावन, मनोहर और त्रिविध तापों का नाश करने वाला है, जो वेदों पुराणों और स्मृतियों का सार है, जिसे स्वयं महादेव पार्वती जी के साथ निरंतर जपते रहते हैं। कलियुग में तो श्री हरि नाम ही एक मात्र शरण है।
--------------------------------------------------------------
             🌹  🌹जय जय श्री सीताराम🌹🌹        .                                         shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...