attitude shayari

सज़ा बन जाती है गुज़रे हुए वक़्त की निशानियाँ

 ना जानें क्यूँ मतलब के लिए मेहरबान होते है लोग
               Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...