emotional shayari

तुम्हारी याद बरस जाए  तो थकन कम हो 
कहाँ कहाँ मैं फिरूँ सर पे अब घटा ले कर...
       Shayaripub.in
 गज़ल की बज़्म जैसा है

 तुम्हारा चाँद सा चेहरा...!!

निगाहे शेर पढ़ती हैं 

तो लब इरशाद करते हैं....!!!
        !Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...