emotional shayari

1🌼सारा वुजूद 🌼खुशबुओं से तरबतर 🌼

🌼🌼🌼🌼🌼हो गया,🌼🌼

🌼🌼वो मेरे ज़ेहन से🌼 गुज़री और मैं 🌼

🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼इतर हो गया।🌼
              Shayaripub.com
 🪴🪴जिसकी अनुपस्थिति में भी तुम उससे मानसिक संवाद करते हो,
उसके साथ तुम्हारा प्रेम होना तय है।🪴🪴

🌼🌼🌼जब कोई खास याद आता है 
           फिर कुछ भी खास नही लगता ।।जब कोई खास याद आता है 🌼🌼🌼
          🌼 फिर कुछ भी खास नही लगता ।।🌼                                                   shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...