Good night

जागना भी कबूल है तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ।


*ऐतराज़ है मेरी शायरी से उन्हें...*

*शायद उलझती हैं धड़कने उनकी...*

सुनो 
कहां से लाऊं में शायरी में जान
कोई जान जान बोल कर जान ले गया
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