radhey krishna

      राधे
 अज़ीज़ भी तू हैं ,
 मेरा नसीब भी तू हैं “….
 ” दुनिया की भीड़ में,
 मेरे सबसे करीब भी तू हैं “….!!
 ” तेरे ही दीदार से ही चलती हैं ज़िन्दगी की डोर ”
 ” की… मेरा सम्मान भी तू हैं,
 और मेरा शान भी तू हैं “….!! 
                      Shayaripub.com 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...