emotional shayari

नज़र वही जो क़त्ल...
   को पूरा अंजाम दे...
Shayaripub.com 
      और चाहत वही है जो...
           भरी महफ़िल में सलाम दे..

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...