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मोहब्बत सिर्फ़ दो जिस्मों की दास्तां नहीं साहब......

ये एक रुह पर एक रुह के फ़ना होने की कहानी है....shayaripub.com 

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कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...