Good morning, shayari

तारीफें पसंद नहीं मुझे..ये पंख लगा देती है,

इनसे बेहतर कमियाँ है जो मुझे खुद  खुद से  मिला देती है 

तुझसे ही हर सुबह हो मेरी,
तुझसे ही हर शाम...

कुछ ऐसा रिश्ता बन गया तुझसे,
की हर सांस में सिर्फ तेरा ही नाम...!!
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