shayari,hindi, shayaripub.com

चलो कुछ ख्वाब बुनते हैं, 
धागे मेरी यादों के 
 सुई तुम्हारे वादों की...
         shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...