have a great day, shayari

             🍁अकेले वारिस हो तुम,🍁
              🍁मेरी बेशुमार चाहतों के.🍁

    तेरी हर बात और हर याद में मैं गीत लिखता हूं,
    तेरी नफरत को भी खुद से मैं सच्ची प्रीत लिखता हूं।
       बदलना सीख ना पाया यह तो मेरी नाकामी है,
        बदलने में मैं खुद की हार तेरी जीत लिखता हूं।।
                 Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...