Good morning

मेरी बेकसूरी  मेरा कसूर बन गया,
जिसे पाला जिगर के लहू से,वो रिश्ता
कसम से
नासूर बन गया।
और जिसे ताउम्र शैतान ही समझा,
वो कुछ ऐसा कर गया ...
...कि हजूर बन गया ।।
Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...