Good morning

थामना चाहती हैं हथेलियांँ..
बादलों को इतनी ज़ोर से..
कि बरसे जब भी 
इसका एक भी टुकड़ा..
तो  मेरे इश्क़ का चर्चा उठे हर ओर से....!
   .   Shayaripub.com 

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Good evening

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