Good morning

अचला की कलम से::::::::

फितरत में जिनकी बेईमानियां हैं

मोहब्बत उन्हें हम तो करने लगे हैं ।।

वह तोडेंगे दिल फिर से टुकड़े करेंगे ,
यही सोच कर कुछ डरने लगे हैं ।।
             Shayaripub.in

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