Good morning

अभी शर्म है,हुआ है गुफ़्तगू में,
        अभी मोहब्बत नई-नई है। 

अभी न आएगी नींद न तुमको,
अभी न हमको चैन मिलेगा

        अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा,
        अभी मुहब्बत नई नई  है ।।
            shayaripub.in

       

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...