Good night

कब ठहरेगा दर्द  दिल का ! कब रात बसर होगी,

सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर  होगी ।।

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Good morning,#shayaripub.in

मिलन, ख़्वाब, उल्फ़त या मुहब्बत से सजा मुझको मेरे किरदार को तासीर दे…आ गुनगुना मुझको            Shayaripub.in