Good morning

ये दरिया-ए-इश्क है, कदम जरा सोच के रखना,
    इस में उतर कर किसी को किनारा नहीं मिला
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in