Good morning

मैं तुम्हारे इश्क से 
बचकर जाऊं भी तो कहां जाऊं
तुम मेरी सोच की 
हर दहलीज पर नजर आते हो l
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in