Good morning

बड़ी नादानी से पूछा उसने क्या अच्छा लगता है ?

हमने भी धीरे से कह दिया एक झलक तुम्हारी
achlguleria.blogspot.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in