Good morning

चलते-चलते मेरे कदम हमेशा यही सोचते है..
 
कि किस और जाऊं तो तू मिल जाये..

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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in