Good morning

कौन कहता है मुहुब्बत की जुबाँ होती है
ये हकीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है।

वो न आये तो सताती है खलिश सी दिल को
वो जो आये तो खलिश और जवाँ होती है।
                  Shayaripub.in 

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Good evening

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