Good morning ,shayaripub.in

इतना आसान नहीं है.............
मुझे पढ़ना.......................

हल्की स्याही से लिखी हुई.....
 गहरी किताब हूं मैं............!!
       Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...