Good morning

ना रईस हूं ना अमीर हूं 
ना मैं बादशाह ना मैं फकीर हूं 
.
तेरा इश्क है मेरी सल्तनत, 
मैं उस सल्तनत का वज़ीर हूं...!!!
        Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...