सत्य बचन

ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तो!!
 हर किसी को नाटक करना पड़ता है।
माचिस की ज़रूरत  नहीं पड़ती,
 यहाँ आदमी आदमी से जलता है।।
           Shayaripub.com
                            हिन्दी शायरी दिल से 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...