Universal Truth # सत्य बचन

अक्सर वही लोग उठाते हैं सूरज पर उंगलियां……! 
एक जुगनू तक को छूने की जिन की औकात नहीं होती….!!
            Shayaripub.com                         हिन्दी शायरी दिल से 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...