Good morning

माना के "अनमोल" हो "हसरत-ऐ-नायब" हो तुम...!!
 हम भी वो लोग हैं जो हर "दहलीज़" पर नहीं मिलते...!!
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in