Good night

चलो कुछ चांद से सीखते हैं
दाग अपने पास रखते हैं
 रौशनी दूसरों में बांटते हैं ।।
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Good night

इतनी ठोकरे देने के लिए                 शुक्रिया ए-ज़िन्दगी,  चलने का न सही         सम्भलने का हुनर तो आ गया ।। Shayaripub.in