emotional shayari

*साहिब यूँ ना झांको,*
*ग़रीब के दिल में,*

*यहाँ हज़ारों हसरतें*
*बे-लिबास रहती है...!*
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                            हिन्दी शायरी दिल से 

1 टिप्पणी:

Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...