⚘⚘लोग उदासी पकड़ ही नहीं पाते हैं ⚘⚘
⚘⚘हम इतना संभल के मुस्कुराते हैं ।।⚘⚘
⚘⚘खींच रखी हैं इश्क की हदें तुमने ⚘⚘
⚘⚘नादां को पता क्या की इश्क बेपनाह होता है⚘⚘
Vishnu ji......
⚘⚘ये पगली जब मुझ से कहती है
मुझ से इतनी मोहब्बत करो ना
मैं डूब ना जाऊँ कहीं तुम्हारी मोहब्बत में
कही में अपने दिल में आशियाना ना बसा लू
जब तुम्हारे रूहानी अल्फ़ाज़ों को में पड़ती हूँ
तुम्हारा चहरा मुझे इस अल्फ़ाज़ों में दिखने लगता है
जब से तुम्हारी मोहब्बत मेरे दिल पनप रही है
मैं तो हफ़्तों से सोयी नहीं बोल दो ना ज़रा
जो तुम्हारे दिल में जो मेरे लीये मोहब्बत है
मैं किसी से कहूँगी नहीं बोल दो ना ज़रा...
जानती हूँ मेरी कमी तुमको अपने दिल में महसूस होती है
रोज़ मेरी मोहब्बत तुम्हारी रूह को भीगा देती है
तुम्हारी आँखों में मेरी मोहब्बत की अधूरी सी कुछ ख्वाहिशें
जानती हूँ तुम मुझ से रूह से मोहब्बत करते हों…..ये पगली जब मुझ से कहती है
मुझ से इतनी मोहब्बत करो ना
मैं डूब ना जाऊँ कहीं तुम्हारी मोहब्बत में
कही में अपने दिल में आशियाना ना बसा लू
जब तुम्हारे रूहानी अल्फ़ाज़ों को में पड़ती हूँ
तुम्हारा चहरा मुझे इस अल्फ़ाज़ों में दिखने लगता है
जब से तुम्हारी मोहब्बत मेरे दिल पनप रही है
मैं तो हफ़्तों से सोयी नहीं बोल दो ना ज़रा
जो तुम्हारे दिल में जो मेरे लीये मोहब्बत है
मैं किसी से कहूँगी नहीं बोल दो ना ज़रा...
जानती हूँ मेरी कमी तुमको अपने दिल में महसूस होती है
रोज़ मेरी मोहब्बत तुम्हारी रूह को भीगा देती है
तुम्हारी आँखों में मेरी मोहब्बत की अधूरी सी कुछ ख्वाहिशें
जानती हूँ तुम मुझ से रूह से मोहब्बत करते हों…..⚘⚘