Pyar bhari pyari si good morning

इस भरी गर्मी में कुछ तो सुकून आ जाये...

या तू आ जाये या फिर मानसून आ जाये...
Iss bhari garmi mein kuchh
 to sukoon aa jaye 
Ya tu aa jaye ya monsoon aa jaye
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प्रेम से भरी good morning, सुप्रभात

कोई साथी नहीं किसी 
का साथ नहीं 

हाथों में आज तेरा 
 हिम्मत से भरा हाथ नहीं 

सोचा था तू समझ जाएगा हालात 

पर तेरी बात में भी अब 
 कहीं वो बात नहीं 



KOI SATHI NAHIN KISI KA 
SATH NAHIN

HATHON MEIN AAJ TERA
HIMMAT SE BHRA HATH NAHIN

SOCHA THA TU SAMJH JAYEGA HALAT

PER TERI BAT MEIN BHI AB 
KAHIN WO BAT NAHIN
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मस्ती भरी शायरी


न छत है यहां न हक में हवाऐं......
​​है कश्ती भी जर्जर..ये कैसा सफर है...​​.,
अलग ही मजा है..फ़कीरी का अपना....
न पाने की चिंता..न खोने का डर है.....!​​
Na chat hai yahan na hq mein havayen
Hai kashti bhi jarer..ye kaisa safar hai
Alg hi mza hai...fakiri ka apna
Na pane ki chinta na khone ka der hai.
                                      Achlasguleria 

Best टूटे दिल की शायरी

वो हंसते हुए मिला था गले 
उसकी आंखों को मुझसे कोई गिला भी है

ज़रूर  वो  मेरे  बारे  में  राय दे लेकिन
ये पूछ लेना कभी मुझसे वो मिला भी है?
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best romantic Shayari

❤️ उसके प्यार का अब कैसे हिसाब हो,
जो गले लगा कर कहे आप बड़े खराब हो.!!!

प्यार भरी शायरी

जब तुम्हारी एक आवाज़ मिल जाती है।
दिन की थकान भी उतर जाती है
तेरी बाहों में मुझे मेरी मंजिल नजर आती है
          Achlasguleria 
Jab tumhari ek awaj mil jati hai
Din ki thakan utar jati hai
Teri bahon mein mujhe
Meri manjil najar aati hai
                  Achlasguleria 

टूटे दिल की शायरी

फूल कागज के हैं तो खुशबू कहां से आए 
जब जिस्म ही नहीं तो जीना कहां से आए ।
एहसास है उसे भी सूरज की प्यास का 
जब खून ही नहीं तो पसीना कहां से आए।।
         Achlasguleria 
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सुविचार

जमाने में ऐसे भी किरदार हुआ करते थे
लोग एक दूसरे के वफादार हुआ करते थे।

 ऐसा भी कोई जमाना रहा है
हक उनको मिला जो हकदार हुआ करते थे 

आज बेचते हैं झूठ की तरकारी 
कभी सच के वो तरफदार हुआ करते थे
                                 Achlasguleria 
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dard bhari shayari

मेरे एहसास मे शामिल है तू राहत की तरह....

तू बता कैसे बदल दूँ, तुझे बुरी आदत की तरह...
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Mere ehsas mein shamil 
hai tu rahat ki tarah
Tu beta kaise badal dun .....
tujhse buti adat ki tarah

इश्क है तुमसे

जंगल में घूमते हिरन जैसी तुम
 सूरज की पहली किरण जैसी तुम

 दूर पहाड़ों से गिरते झरने जैसी तुम 
बारिश के बाद फूलों के संवरने जैसी तुम

 इटली के किसी पुराने शहर जैसी तुम
 रेगिस्तान में मीठी नहर जैसी तुम
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Jangal mein ghumte hiran jaisi tum
Suraj ki pehli Kiran jaisi tum
Door pahadon se girte jharne jaisi tum
Varish ke badfulon ke sambarne jaisi tum
Itli ke purane shahar jaisi tum
Registan mein mithi nahar jaisi tum
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ॐ नमः शिवाय

शिव आपकी कृपा मुझ पर बरस रही 
वो सब मिल रहा है
जिसे दुनियां तरस रही है
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पार्वती है मां 
शिव पिता हैं हमारे
हर दुख मिट जाता
जाके उसके द्वारे 

Pyar bhari pyari si good morning

इस भरी गर्मी में कुछ तो सुकून आ जाये... या तू आ जाये या फिर मानसून आ जाये... Iss bhari garmi mein kuchh  to sukoon aa jaye  Ya tu aa jaye ya...