latest good morning shayari 💕💖

कभी-कभी हम दूसरों को इतना महत्व दे देते हैं कि उनका महत्व देते हम अपने किरदार को भूल ही जाते हैं।
जो हम आज बने हैं वह बनने के लिए हमने बहुत मेहनत की है। यह सब भूलकर हम दूसरों का साथ पाने के लिए
जो जीवन में हमें मिला है उसका महत्व भी भूल जाते हैं self-respect 
 कहीं खो जाती है।
यह कदम बिल्कुल सही नहीं है. It's a suicidal step. Now read my Shayari on this topic 
नजर पारखी रखिए दूसरों का मोल लगाने में 
दूसरों का मोल लगाने में।
कभी-कभी हम अपनी कदर ही खो देते हैं
दूसरों को अनमोल बनाने में।
वो चालाकी से देते हैं खंजर हमारे हाथ में 
और हम
 खुद पर ही चला लेते हैं अनजाने में 
Instant शायरी by achlasguleria 

latest beautiful shayari with love

आज मैं सोच रही थी की प्रेम पर कुछ गहरा सा लिखा जाए 
। तो गहराई में उतरते हुए पता चला प्रेम एक  रास्ता है मंजिल 
नहीं जब किसी रिश्ते को मंजिल मिल जाती है तो शायद प्रेम किसी दूसरे को रास्ता दिखाने के लिए वहां से निकल जाता है।
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pyarbhari goodmorning#suparbhart

दीया 🪔 हो के न हो दिल जला के रखते हैं
हम आँधियों में भी तेवर बला के रखते हैं

मिला दिया है पसीना भले ही मिट्टी में
हम अपनी आँख का पानी बचा के रखते हैं

बस एक ख़ुद से ही अपनी नहीं बनी वरना 
ज़माने भर से रिश्ता हमेशा निभा के रखते हैं

हमें पसंद नहीं जंग में भी चालाकी
जिसे निशाने पे रखते बता के रखते हैं

कहीं ख़ुलूस कहीं दोस्ती कहीं पे वफ़ा
बड़े क़रीने से घर को सजा के रखते हैं

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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा 
सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा 
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कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

मेरा आपकी कृपा से हर काम हो रहा है 
करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है।
Happy birthday Krishna
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Good morning

मेरे आंसू छुपा लेती है वो 

मेरे पहले ख्याल की तरह 
मेरे आंसू छुपा लेती है वो 
मेरे रूमाल की तरह
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good morning with beautiful shayari

रामधारी सिंह दिनकर 


घेरे था मुझे तुम्हारी साँसों का पवन,
जब मैं बालक अबोध अनजान था।

यह पवन तुम्हारी साँस का
सौरभ लाता था।
उसके कंधों पर चढ़ा
मैं जाने कहाँ-कहाँ
आकाश में घूम आता था।

सृष्टि शायद तब भी रहस्य थी।
मगर कोई परी मेरे साथ में थी;
मुझे मालूम तो न था,
मगर ताले की कूंजी मेरे हाथ में थी।

जवान हो कर मैं आदमी न रहा,
खेत की घास हो गया।

तुम्हारा पवन आज भी आता है
और घास के साथ अठखेलियाँ करता है,
उसके कानों में चुपके चुपके
कोई संदेश भरता है।

घास उड़ना चाहती है
और अकुलाती है,
मगर उसकी जड़ें धरती में
बेतरह गड़ी हुईं हैं।
इसलिए हवा के साथ
वह उड़ नहीं पाती है।

शक्ति जो चेतन थी,
अब जड़ हो गयी है।
बचपन में जो कुंजी मेरे पास थी,
उम्र बढ़ते बढ़ते
वह कहीं खो गयी है। 

latest Hind shayari

जरा जरा सी बात पर मेरे अपने रूठ जाते हैं 
खामोश पड़े कुछ रिश्ते धीरे से टूट जाते हैं ।

जिम्मेवारियां का बोझ झुका देता है कांधे भी 
मगर ये बोझ हटता है तो काँधे टूट जाते हैं।

दिल टूटा तो ही समझ आया वरना 
मैं अक्सर सोचता था लोग कैसे टूट जाते हैं।

सलीक़े से अगर तोड़ें तो काँटे टूट जाते है
मगर अफ़्सोस ये है फूल पहले टूट जाते है।

इतिहास गवाह है इस बात का 
मोहब्बत जब सदा देती है  तो,पिंजरे टूट जाते हैं।

ज्यादा कामयाबी भी अच्छी नहीं साहिब 
फलों का बोझ बढ़ने से भी पौधे टूट जाते हैं।

Good morning friends

ज़िंदगी में सारा झगड़ा ही ख्वाहिशों का है,
         ना तो किसी को ग़म चाहिए 
                         और 
       ना ही किसी को कम चाहिए।❤️🌹
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       ज़िंदगी का सबसे बड़ा थप्पड़
  किसी से की गई उम्मीद मारती है..
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प्रेम सिर्फ प्रेम तक नही है 

स्त्री और पुरुष दोनों के एक दूसरे के प्रति अपने अपने दायित्व भी होते है.
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प्यार भरी शायरी के साथ दिल की बात

हमारी कलम में तो 
प्रेम और दर्द साथ साथ चलते है

दर्द भरी painful shayari
सुन हमको  समझाने वाले,क्यों यह तेरी समझ ना आए।
पल भर चैन ना पाने वाला 
पल भर चैन ना पाने वाला
कैसे अपने जख्म छुपाए

उसूल-ए-मुहब्बत..... तो यही कहती 
है कि...

एक ही शख़्स पे दास्तां....... ख़त्म 
की जाए..

प्रेम....
वो सावन है...
जो मन की मिट्टी को
 कठोर नहीं होने देता...!!
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Self-respect से भरी शायरी

किसी को माफ कर देना बहुत अच्छी आदत है 
सबसे प्रेम करना और और भी अच्छी आदत है 
मगर खुद को भुला के किसी के लिए भी कुछ करना सबसे बुरी आदत है औरयह मुझे वक्त ने सिखाया है।

एक नाम ताउम्र के लिए बिछड़ गया मेरे अधरों से 
हल्की हो गए हैं पलके ऐसे गिरा है कोई नजरों से।
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नहीं खेल नासेह जुनूँ की हक़ीक़त
समझ लीजिएगा तो समझाइएगा

हमें भी ये अब देखना है कि हम पर
कहाँ तक तवज्जोह न फ़रमाइएगा

सितम 'इश्क़ में आप आसाँ न समझें
तड़प जाइएगा जो तड़पाइएगा

ये दिल है इसे दिल ही बस रहने दीजे
करम कीजिएगा तो पछ्ताइएगा

कहीं चुप रही है ज़बान-ए-मोहब्बत
न फ़रमाइएगा तो फ़रमाइएगा

भुलाना हमारा मुबारक मुबारक
मगर शर्त ये है न याद आइएगा

हमें भी न अब चैन आएगा जब तक
इन आँखों में आँसू न भर लाइएगा

तिरा जज़्बा-ए-शौक़ है बे-हक़ीक़त
ज़रा फिर तो इरशाद फ़रमाइएगा

हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल
किसे देख कर आप शरमाइएगा

ये माना कि दे कर हमें रंज-ए-फ़ुर्क़त
मुदावा-ए-फ़ुर्क़त न फ़रमाइएगा

मोहब्बत मोहब्बत ही रहती है लेकिन
कहाँ तक तबी'अत को बहलाइएगा

न होगा हमारा ही आग़ोश ख़ाली
कुछ अपना भी पहलू तही पाइएगा

जुनूँ की 'जिगर' कोई हद भी है आख़िर
कहाँ तक किसी पर सितम ढाइएगा

latest good morning shayari 💕💖

कभी-कभी हम दूसरों को इतना महत्व दे देते हैं कि उनका महत्व देते हम अपने किरदार को भूल ही जाते हैं। जो हम आज बने हैं वह बनने के लिए हमने बहुत ...