good morning with beautiful shayari

रामधारी सिंह दिनकर 


घेरे था मुझे तुम्हारी साँसों का पवन,
जब मैं बालक अबोध अनजान था।

यह पवन तुम्हारी साँस का
सौरभ लाता था।
उसके कंधों पर चढ़ा
मैं जाने कहाँ-कहाँ
आकाश में घूम आता था।

सृष्टि शायद तब भी रहस्य थी।
मगर कोई परी मेरे साथ में थी;
मुझे मालूम तो न था,
मगर ताले की कूंजी मेरे हाथ में थी।

जवान हो कर मैं आदमी न रहा,
खेत की घास हो गया।

तुम्हारा पवन आज भी आता है
और घास के साथ अठखेलियाँ करता है,
उसके कानों में चुपके चुपके
कोई संदेश भरता है।

घास उड़ना चाहती है
और अकुलाती है,
मगर उसकी जड़ें धरती में
बेतरह गड़ी हुईं हैं।
इसलिए हवा के साथ
वह उड़ नहीं पाती है।

शक्ति जो चेतन थी,
अब जड़ हो गयी है।
बचपन में जो कुंजी मेरे पास थी,
उम्र बढ़ते बढ़ते
वह कहीं खो गयी है। 

latest Hind shayari

जरा जरा सी बात पर मेरे अपने रूठ जाते हैं 
खामोश पड़े कुछ रिश्ते धीरे से टूट जाते हैं ।

जिम्मेवारियां का बोझ झुका देता है कांधे भी 
मगर ये बोझ हटता है तो काँधे टूट जाते हैं।

दिल टूटा तो ही समझ आया वरना 
मैं अक्सर सोचता था लोग कैसे टूट जाते हैं।

सलीक़े से अगर तोड़ें तो काँटे टूट जाते है
मगर अफ़्सोस ये है फूल पहले टूट जाते है।

इतिहास गवाह है इस बात का 
मोहब्बत जब सदा देती है  तो,पिंजरे टूट जाते हैं।

ज्यादा कामयाबी भी अच्छी नहीं साहिब 
फलों का बोझ बढ़ने से भी पौधे टूट जाते हैं।

Good morning friends

ज़िंदगी में सारा झगड़ा ही ख्वाहिशों का है,
         ना तो किसी को ग़म चाहिए 
                         और 
       ना ही किसी को कम चाहिए।❤️🌹
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️

 
       ज़िंदगी का सबसे बड़ा थप्पड़
  किसी से की गई उम्मीद मारती है..
❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥❤️‍🔥


प्रेम सिर्फ प्रेम तक नही है 

स्त्री और पुरुष दोनों के एक दूसरे के प्रति अपने अपने दायित्व भी होते है.
🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔🪔
Shayaripub.in

प्यार भरी शायरी के साथ दिल की बात

हमारी कलम में तो 
प्रेम और दर्द साथ साथ चलते है

दर्द भरी painful shayari
सुन हमको  समझाने वाले,क्यों यह तेरी समझ ना आए।
पल भर चैन ना पाने वाला 
पल भर चैन ना पाने वाला
कैसे अपने जख्म छुपाए

उसूल-ए-मुहब्बत..... तो यही कहती 
है कि...

एक ही शख़्स पे दास्तां....... ख़त्म 
की जाए..

प्रेम....
वो सावन है...
जो मन की मिट्टी को
 कठोर नहीं होने देता...!!
.


Self-respect से भरी शायरी

किसी को माफ कर देना बहुत अच्छी आदत है 
सबसे प्रेम करना और और भी अच्छी आदत है 
मगर खुद को भुला के किसी के लिए भी कुछ करना सबसे बुरी आदत है औरयह मुझे वक्त ने सिखाया है।

एक नाम ताउम्र के लिए बिछड़ गया मेरे अधरों से 
हल्की हो गए हैं पलके ऐसे गिरा है कोई नजरों से।
             Shayaripub.in


नहीं खेल नासेह जुनूँ की हक़ीक़त
समझ लीजिएगा तो समझाइएगा

हमें भी ये अब देखना है कि हम पर
कहाँ तक तवज्जोह न फ़रमाइएगा

सितम 'इश्क़ में आप आसाँ न समझें
तड़प जाइएगा जो तड़पाइएगा

ये दिल है इसे दिल ही बस रहने दीजे
करम कीजिएगा तो पछ्ताइएगा

कहीं चुप रही है ज़बान-ए-मोहब्बत
न फ़रमाइएगा तो फ़रमाइएगा

भुलाना हमारा मुबारक मुबारक
मगर शर्त ये है न याद आइएगा

हमें भी न अब चैन आएगा जब तक
इन आँखों में आँसू न भर लाइएगा

तिरा जज़्बा-ए-शौक़ है बे-हक़ीक़त
ज़रा फिर तो इरशाद फ़रमाइएगा

हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल
किसे देख कर आप शरमाइएगा

ये माना कि दे कर हमें रंज-ए-फ़ुर्क़त
मुदावा-ए-फ़ुर्क़त न फ़रमाइएगा

मोहब्बत मोहब्बत ही रहती है लेकिन
कहाँ तक तबी'अत को बहलाइएगा

न होगा हमारा ही आग़ोश ख़ाली
कुछ अपना भी पहलू तही पाइएगा

जुनूँ की 'जिगर' कोई हद भी है आख़िर
कहाँ तक किसी पर सितम ढाइएगा

Respect your self with Hindi shayari

कोई आपको नहीं समझता तो उसे बिल्कुल ना समझाएं। 
क्योंकि इस समझने के चक्कर में आपकी एनर्जी भी जाएगी टाइम भी जाएगा 
और जो नहीं समझना चाहता 
वह कुछभी नहीं समझ पाएगा

हमें खुद को आगे बढ़ाना है ना कि दूसरों को समझाने में अपना समय गंवाना है 

जो तुझे ना समझे उसे तेरा क्या वास्ता 
***हट वे*** बोल कर दिखा दो बाहर का रास्ता 
Shayaripub.in

emotional 💕 shayari

ये रहस्य केवल रेलगाड़ियाँ जानती हैं...   किस तन का टिकट कहाँ का था....  

और कौनसा मन... कौनसे स्टेशन पर‌ उतर गया.

ज़िंदगी लुत्फ़ भी है ज़िंदगी आज़ार भी है
बंदूक की नोक भी है ज़ंजीर की झंकार भी है
ज़िंदगी दीद भी है हसरत-ए-दीदार भी है
कड़वी जहर भी है-लब-ओ-रुख़्सार भी है
ज़िंदगी ख़ार भी है ज़िंदगी प्यार भी है



हर हर महादेव

कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय
तीन लोक नौ खंड में, महादेव जैसा ना कोय।

मेहनत का फल, 
मुसीबतों का हल 
और आने वाला कल
 सब ईश्वर के हाथ मे है..

उम्मीद कभी संसार से नहीं संसार को रचने वाले से रखनी चाहिए..!*
Shayaripub.in

sad wali shayari

वो जो हँसते हैं ना बात बात पर,

​गले लगा कर देखना रो पड़ेंगे।"
Shayaripub.in

हिसाब नहीं रखना मुझे,
  कितना पाया,कितना गवाया...
      चाहत बस इतनी सी है,
         दुःख वहा से न मिले,
        जहाँ मैंने सुकून लुटाया...
Shayaripub.in

  जो बातें दिल तोड़ती हैं,,,,,,, 

वही बातें आंखें भी खोलती हैं........।
Shayaripub.in



thoughtful Good morning

बहुत फ़र्क होता है, जरूरी और जरूरत में,

कभी कभी हम सिर्फ जरूरत होते हैं जरूरी नहीं

सुनो 

यह इंसान ही काटता है इंसान का रास्ता
बिल्लियां तो यूं ही बदनाम है। 

आग तो लोग यूं ही बातों से लगा देते हैं 
माचिस की तीलियों तो यूं ही बदनाम है 
Shayaripub.in

दर्द भरी painful shayari

हमको  समझाने वाले,
क्यों यह तेरी समझ ना आए।
प पल भर चैन ना पाने वाला
कैसे अपने जख्म छुपाए 
शायरी की भी अपनी एक अलग बात होती है जितना इसमें दर्द भरा जाए यह उतनी ही सुंदर दिखती है 
लिखने वाला जितना दर्द उड़ेल देता है पढ़ने वाले उतना ही अच्छा लगता है।shayaripub.in

good morning with beautiful shayari

रामधारी सिंह दिनकर  घेरे था मुझे तुम्हारी साँसों का पवन, जब मैं बालक अबोध अनजान था। यह पवन तुम्हारी साँस का सौरभ लाता था। उसके कंधों पर चढ़ा...