LOVE SHAYARI

हम तो कब से नशे में डूब जाने को तैयार हैं,
इंतज़ार तो सिर्फ आपकी मुलाकात का है,
HUM TO KAB SE NASHE MEIN DOOB JANE KO TIYAR HAIN
INTZAR TO SIRF APKI MULAKAT KA HAI
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                 Achlasguleria 

pyar bhra safar

आज सफर में कुछ दो चार बातें होगी ,
       कमबख्त मंजिल आते ही हम फिर नए मोड़ पे होंगे !!
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thought of the day

झुकी पलके हैं और होठों पर खामोशी है।
आँखें बता रही हैं
   अभी मोहब्बत नई-नई है। 

अभी न आएगी नींद तुमको,
अभी न हमको  चैन आएगा
 बेचैनी बता रही,
        अभी बात  नई नई है।

बहार का आज पहला दिन है,
चलो चमन में टहल के आए
  फ़ज़ा में खुशबू नई नई है
        गुलों में रंगत नई नई है।

जो खानदानी रईस हैं वो
मिजाज रखते हैं नर्म अपना,
 तुम्हारा लहजा बता रहा है,
        तुम्हारी दौलत नई-नई है।

ज़रा सा कुदरत ने क्या नवाज़ा
के आके बैठे हो पहली सफ़ में

        अभी क्यों उड़ने लगे हवा में
        अभी तो शोहरत नई नई है।
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pyar bhari jawardast shayari

अभी न आएँगी नींद न तुमको,
अभी न हमको सुकूँ मिलेगा

        अभी तो धड़केगा दिल ज़्यादा,
        अभी मुहब्बत नई नई है।

बहार का आज पहला दिन है,
चलो चमन में टहल के आएँ

        फ़ज़ा में खुशबू नई नई है
        गुलों में रंगत नई नई है।

जबरदस्त शायरी दिल से

जो खानदानी रईस हैं वो
मिजाज रखते हैं नर्म अपना, 

        तुम्हारा लहजा बता रहा है,
        तुम्हारी दौलत नई-नई है।

ज़रा सा कुदरत ने क्या नवाज़ा
के आके बैठे हो पहली सफ़ में

        अभी क्यों उड़ने लगे हवा में
        अभी तो शोहरत नई नई है।

पहले प्यार की शायरी

बैठे हैं चुपचाप से दोनों प्रेम की राह यह नई-नई है 
धड़कन तेरी बता रही है दिल में चाह यह  नई नई है 
डर भी लगेगा धड़केगा  दिल भी प्रेम की दस्तक नई नई है
 दिल से लगा के रखा है जिसको  सुनो! यह हसरत नई-नई है।
                       Achlasguleria 
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तन्हाई की शायरी

जागती हूँ मैं अकेली जब सारी दुनियाँ सोती है
एक दर्द में डूबी तन्हाई उस  लम्बी रात में होती

om namo shivay

शिव शिव शिव नाम जपना है
राह  ये प्रेम की, हमको नहीं हटना है।।

SHIV SHIV SHIV  NAM JAPNA HAI
RAH YE PREM KI ,HMKO NHI HATNA HAI

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❤️ heart touching shayari

वो इस तरह मेरी तन्हाई कम कर गया 
मेरे नाम अपने सारे, गम कर गया
WO ISS TARH MERI TANHAI KUM KER GYA
MERE NAAM APNE SARE GUM KER GYA 
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कभी-कभी हम धागे ही इतने कमज़ोर चुन लेते हैं कि 
पूरी उम्र गाँठ बांधने में ही गुज़र जाती है।
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क्यूं ? हिन्दी कविता

यह तेरा शहर उदास इतना भी क्यों है ?
जिसे देखे  हुए जमाना गुजर गया
वह पास इतना भी क्यों है ?

रात भर सितारों से भरा रहता है जो!
दिन में यह खाली पड़ा
आकाश इतना भी क्यूँ है ?

तेरे इत्र से महकता रहता है घर मेरा
तेरे ना होने से भी तेरे होने का
एहसास इतना भी क्यों है?

उसकी बात करें या उससे बात करें
हर बात में कोई शख्स
खास इतना भी क्यों है? 
                   अचला एस गुलेरिया
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तुम कौन हो?

            !तुम!
  तुम! कुछ नहीं बस एक एहसास हो 
      कोई सदियों से अनबुझी प्यास हो।।
      कभी कोई बात हुई नहीं तुमसे
       फिर भी कहीं न कहीं 
      मेरे दिल के पास हो

LOVE SHAYARI

हम तो कब से नशे में डूब जाने को तैयार हैं, इंतज़ार तो सिर्फ आपकी मुलाकात का है, HUM TO KAB SE NASHE MEIN DOOB JANE KO TIYAR HAIN INTZAR TO S...