Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के...

इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के......
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पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे साथ..!!

तो हमने जमीं पर अपना साया दिखा दिया....!!!!
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good night

अंधेरे हैं तो कुछ दिये जला लिया करो
चाय पर दोस्तों को बुला लिया करो 
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जंगल में घूमते हिरन जैसी तुम
 सूरज की पहली किरण जैसी तुम

 दूर पहाड़ों से गिरते झरने जैसी तुम 
बारिश के बाद फूलों के संवरने जैसी तुम

 इटली के किसी पुराने शहर जैसी तुम
 रेगिस्तान में मीठी नहर जैसी तुम
                            अचला एस गुलेरिया 

Good morning

यादें ही जिंदगी का खजाना है
बाकी सबको खाली हाथ जाना है

     

Good night

हम पे भी मेहरबाँ हर एक रात हुआ
करती है 

आँख लगते ही आपसे मुलाका़त

हुआ करती है...
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Good morning

ना रईस हूं ना अमीर हूं 
ना मैं बादशाह ना मैं फकीर हूं 
.
तेरा इश्क है मेरी सल्तनत, 
मैं उस सल्तनत का वज़ीर हूं...!!!
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Good night

मुझे तुमसे मोह है या प्रेम
 ये मुझे नहीं पता किंतु 
विकल्प से भरे इस संसार में,

ये मन केवल तुम्हारा हो कर
 रह जाना चाहता है....
बैठना चाहता है अगली सीट पर 
तुम्हारे दिल की कार में
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Good morning,shayaripub.in

तुम कभी मुझको कलेजे से लगाकर आजमाना,
झूठ कहती है ये दुनिया आदमी रोता नहीं है!
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पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे साथ..!!

तो हमने जमीं पर अपना साया दिखा दिया....!!!!

Good morning ,shayaripub.in

इतना आसान नहीं है.............
मुझे पढ़ना.......................

हल्की स्याही से लिखी हुई.....
 गहरी किताब हूं मैं............!!
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Good morning

कर्म भूमि है दुनियां 
                  श्रम सभी को करना है…
भगवान सिर्फ लकीरें देता है, 
                    रंग  हमें  ही  भरना  है.. 
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अहंकार तब उत्पन्न होता है जब
 हम यह भूल जाते हैं कि प्रशंसा हमारे 
 गुणों की हो रही है हमारी नहीं।  
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इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है।
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Good night,shayaripub.in

शाम कभी कुछ पूछती नहीं.! 
बस यादें रख जाती है लाकर हथेलियों में।
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Good evening

कौन समझेगा यहां की वीरानी देख के... इस जगह भी ठहरे थे  कभी काफ़िले मोहब्बत के...... Shayaripub.in पूछा जो उसने कैसे रहोगे ताउम्र तुम मेरे सा...