सुविचार

प्रकृति हम सबकी मां है हमारे लिए वह सब प्रकार की🌧️ व्यवस्थाएं करती है उसी के फल फूलों से हम अपना जीवन यापन करते हैं। उसी से इमारती 🎄लकड़ी लेकर अपने घर बनाते हैं ।आज मानव का लालच इतना बढ़ गया है कि वह पकृति नुकसान पहुंचा रहा है।
प्रकृति हमसे डरने लग पड़ी है 
🫒प्रकृति के लाल 
बन बैठे हैं उसका काल 🫒shayaripub.in

शुभ सुप्रभात

बबंधन रिश्तों का हो तो...
                   एक उम्र तक चलता है..!!
आप से हमारा सम्बन्ध तो....
                   अहसासो का हैं...!!
   
      ⚜️..ये तो ताउम्र चलेगा.shayaripub.in

सत्य वचन

उम्र को हराना है तो शौक़ ज़िंदा रखिये, 


घुटने चलें न चलें, मन उड़ता परिंदा रखिये..!
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hare krishna

मेरा आपकी कृपा से हर काम हो रहा है 
 करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है
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यादों वाली शायरी

मैं हर शब्द समाई हूं 

जब भी खोलोगे ये क़िताब

मैं याद आऊँगी ...

बरसात की हर बूँद 
में
 मौजूद हूं यादें बनकर 

,कभी बारिशों में भीगोगे

तो याद आऊँगी....


दर्द भरी शायरी

गुजरे एक सफ़र का क़िस्सा जो तूलानी है
कौन सुना जाता है मुझ को किस की राम-कहानी 
उसकी याद में जलते जलते लम्हा लम्हा बीत गया
उस का चेहरा याद आता है जिसकी याद कहानी है 

टूटे दिल की कहानी




 सकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पर 
 उतार कर, चीख भी लेते हैं और आवाज़ भी नहीं होती ।

तुम्हारा इरादा

तुमसे मोहब्बत निभानी है हमको 

बोलो तुम्हारा इरादा है क्या?

 जो रिश्ता अपना तुमसे बना है

 कोई रिश्ता उससे भी ज्यादा है क्या?

 सूरज तुम्हें देखा यह गगन भी

 छूती तुम्हें धूप और यह पवन भी

 लगता मुझे उनका छूना बुरा भी 

होती है थोड़ी-थोड़ी जलन भी

 सब मुझको कहते हैं कान्हा कन्हैया

 तू मेरी प्यारी वो राधा है क्या?

 फूलों की रंगत से लाली चुराकर

 काली घटाओं का जुड़ा बनाकर

 खंजर की तुमको जरूरत कहां है 

हमें मार डालोगे नज़रे मिलाकर 

जिसे प्यार करना सताना भी उसको

 यह  दस्तूर तेरा? यह कायदा है क्या?

तुम्हारा इरादा,अचला की कलम से

तुमसे मोहब्बत निभानी है हमको 

बोलो तुम्हारा इरादा है क्या?

 जो रिश्ता अपना तुमसे बना है

 कोई रिश्ता उससे भी ज्यादा है क्या?

 सूरज तुम्हें देखा यह गगन भी

 छूती तुम्हें धूप और यह पवन भी

 लगता मुझे उनका छूना बुरा भी 

होती है थोड़ी-थोड़ी जलन भी

 सब मुझको कहते हैं कान्हा कन्हैया

 तू मेरी प्यारी वो राधा है क्या?

 फूलों की रंगत से लाली चुराकर

 काली घटाओं का जुड़ा बनाकर

 खंजर की तुमको जरूरत कहां है 

हमें मार डालोगे नज़रे मिलाकर 

जिसे प्यार करना सताना भी उसको

 यह  दस्तूर तेरा? यह कायदा है क्या?



हर हर महादेव

तख्तो ताज की चिन्ता तो बादशाहों को होती है ॥

हम तो महादेव जी के लाडले हैं ॥

अपनी रियासतें साथ लेकर घूमते है ॥
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प्रकृति हम सबकी मां है हमारे लिए वह सब प्रकार की🌧️ व्यवस्थाएं करती है उसी के फल फूलों से हम अपना जीवन यापन करते हैं। उसी से इमारती 🎄लकड़ी ...