latest Good night massages

नहीं कोई चाहत धरती अम्बर बनने की
चाहत है तेरे फोन का नम्बर बनने की
अचला गुलेरिया 

❤️Krishna Love 💕

बरसात से ताज़ा पानी माँग लाई हूं ।
कान्हा तुझसे मिलने 
देखो तो!
कैसे आई हूँ 

happy मानसून

🌹मेरे शहर मे भी हो रहा है मौसम..!!🌹
          *प्यार भरी बरसात का ••🌹

*हर बूँद के साथ बढ रहा है..!!*
            इंतजार तुझसे 🌹 
               मुलाकात का 

latest romantic shayari


सुनो ....
जो तुम लिखते लिखते

जो जगह छोड़ देते हो,

मुझे पता है

वो ख्याल मैं हूँ।... 

Latest जहरीली शायरी

उनसे कह दो कि कभी मुझसे मिले साड़ी में,
जब वो चलती हैं तो दरिया की लहर लगती है
जो मर मिटे हैं उसके प्यार में, उनको तो 
साइनाइड से तीखा जहर लगती है। 
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trending thoughts

चाय हो या रिश्ता

 दोनों में स्वाद
मायने रखता है 

रंग नही....

खुद में झाँकने के लिए जिगर चाहिए,
         दूसरों की बुराई बताने में तो 
               हर शख्स माहिर है..


किसी से रुठो
तो संभलकर,
रुठना
आजकल मनाने का
नहीं छोड़ देने का
रिवाज है...




latest sad 😭 shayari

,🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
चार दिनों की उम्र मिली है
और फ़ासले जन्मों के!

इतने कच्चे रिश्ते क्यों हैं
इस दुनिया में अपनों के!!
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️
हँसने नहीं देता कभी रोने नहीं देता
ये दिल तो कोई काम भी होने नहीं देता

तुम माँग रहे हो मिरे दिल से मिरी ख़्वाहिश
बच्चा तो कभी अपने खिलौने नहीं देता

मैं आप उठाता हूँ शब-ओ-रोज़ की ज़िल्लत
ये बोझ किसी और को ढोने नहीं देता

वो कौन है उस से तो मैं वाक़िफ़ भी नहीं हूँ
जो मुझ को किसी और का होने नहीं देता
❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️💃💃❤️❤️❤️


दर्द भरी शायरी

गुजरे वक्त की हसीन यादों में खो जाने दो
जब तक अंधेरा है
दिल के शहर में
मुझे बस सो जाने दो   

खिल उठा चमन  उसकी एक नज़र से,
पत्ते पत्ते से आने लगी महक इश्क़ की।

उसका मुड़ के देखना !कुछ इस तरह
सारी कायनात पर छा गई चमक इश्क़ की।

वह तो बे दिल है दिल रखता ही नहीं
उसे क्या पता क्या होती है कसक इश्क़ की।

                           

प्रेम कभी नहीं हारता


परास्त नही होता 
कोई भी प्रेम में,
कभी भी-
अस्त हो जाता है मन 
कुछ क्षण के लिए,
पराजय तो रण में है
प्रेम समय है
सत्य है 
उदय होता है
अस्त होता है,
पराजित नही ...

my latest shayari

मुझे पता है कुछ रास्ते ,जो कहीं,
 आते नहीं, कहीं  जाते नहीं हैं।  
उन रास्तों पर निकलने वाले,
 उनको कभी भूल पाते नहीं हैं।
बेफिक्र उठ जाते हैं महफिल से,
उलझन कोई सुलझाते नहीं है।
थोड़ी सी घुटन पर तोड़ लेते हैं रिश्ता,
 रिश्तों को हम आजमाते नहीं हैं।
सच से यहां नफरतें हैं बहुत,
तो ,अब हम कुछ भी बताते नहीं हैं। 
वह सपने हैं उनको जगना हो अगर 
कसम से कम दे सुलाते नहीं है। 
अकारण को कारण बनाकर गया जो 
घर उसको वापस बुलाते नहीं है ।
घर उसको वापस बुलाते नहीं है।

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नहीं कोई चाहत धरती अम्बर बनने की चाहत है तेरे फोन का नम्बर बनने की अचला गुलेरिया