Good night

तेरे इत्र से महकता रहता है घर मेरा
तेरे ना होने से भी तेरे होने का
एहसास इतना भी क्यों है?

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उसकी बात करें या उससे बात करें
हर बात में कोई शख्स
खास इतना भी क्यों है? 

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shayari

न चाँद की चाहत न तारों की फरमाइश हर पल में  तू  हो ! मेरे साथ बस यही है एक ख्वाहिश                Shayaripub.in