प्रेमिका तू मेरी

वो हमारे दिल से निकलने का 
रास्ता भी नहीं ढूंढ सके

 जो कहते थे..
तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम..
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happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in