प्रेमिका तू मेरी

वो हमारे दिल से निकलने का 
रास्ता भी नहीं ढूंढ सके

 जो कहते थे..
तुम्हारी रग रग से वाकिफ हैं हम..
         Shayaripub.in

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

प्यार भरी शायरी

ऐसा क्या लिखूँ की तेरे दिल को  तसल्ली हो जाए , क्या ये बताना काफी नहीं कि  मेरी  जिंदगी हो तुम