हरे कृष्ण # hare krishan


मन में बसी प्रभु चाह यही 
हरि नाम तुम्हारा उचारा करूं ।।
बिठा के तुम्हें मन दर्पण में 
मन मोहिनी रूप निहारा करूं।।
 भर के द्रग में प्रेम काजल
 पद पंकज नाथ पखारा करूं
 बन प्रेम पुजारी  तुम्हारा प्रभु
 नित आरती भव्य उतारा करूं।
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                          हिन्दी शायरी दिल से

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pyar bhra safar

आज सफर में कुछ दो चार बातें होगी ,        कमबख्त मंजिल आते ही हम फिर नए मोड़ पे होंगे !!                 Shayaripub.in