हर हर महादेव

             फिर परेशान नहीं करती जिन्दगी की ठोकरें..

          *जिन्हें शिवका नाम लेकर संम्भलने की आदत हो..।।
                         Shayaripub.com 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

धार्मिक massages

अपने अंदर के के महाभारत को तुम्हें स्वयं ही लड़ना है इसने तुम ही कृष्ण और तुम ही अर्जुन हो हर निर्णय तुमको स्वयं लेना है। तुम्हारा निर्णय ही...