PREM BHARI KAVITA


नारी त्याग की मूरत है तो 
पुरूष संघर्ष की सूरत है.....  

कैसे कहूं महान किसी को एक को
दोनों  को एक दूसरे की जरूरत है।

NARI TYAG KI MURAT HAI TO
PURUSH SANGHARSH KI SURAT HAI
KAISE KAHUN MAHAN EK KO 
DONO KO EK DUSRE KI ZARURAT HAI

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