Good morning

कैसे बनायें तेरी यादों से दूरियाँ,

दो कदम जाकर सौ कदम लौट आते हैं !!
         Shayaripub.com 

लहरों में डूबते रहे , दरिया नहीं मिला
उससे बिछड़ के फ़िर कोई वैसा नहीं मिला   

वो भी बहुत अकेला है , शायद मेरी तरह  
उसका भी कोई चाहने वाला नहीं मिला 

साहिल पे कितने लोग मेरे साथ-साथ थे  
तूफ़ान की ज़द में आया , तो तिनका नहीं मिला   

दो-चार दिन तो कितने सुकून से गुज़र गए  
सब खैरियत रही , कोई अपना नहीं मिला 


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

happy कृष्ण जन्माष्टमी

जो तू मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा  सुबह शाम बोल बन्दे कृष्णा कृष्णा कृष्णा  Shayaripub.in